हम वो बादशाह हैं जो भाइयों के साथ राज करते हैं।
तेरी बातें तेरे साथ बिताए लम्हें याद आते हैं
खुशियाँ भी सच्ची होती हैं और ग़म भी साझा होते हैं।
तभी तो चारों तरफ हमारी दोस्ती का शोर है..!
लेकिन फिर भी तेरे बिना मेरा दिन खाली सा लगता है!
“हम जहां भी रहे, यारी तेरी दिल में उतरी।”
आपके दिल को छू जाऊं बस इतनी सी तमन्ना है
ऐ खुदा अपनी अदालत में मेरी ज़मानत रखना;
“जब सब साथ छोड़ दें, दोस्ती हाथ थाम लेती है।”
जलाओ एक दोस्ती का दीप ऐसा कि हर तरफ सवेरा हो जाए।
पाँच मिनट बाद वही दोस्त मुझे… “खो गए क्या?” कह कर मजाक Dosti Shayari उड़ाते हैं!
तेरी वजह से मैं कभी रुलाता हूँ, कभी हंसाता हूँ,
मुझे पागलों से दोस्ती करना पसंद है साहब,
तेरी दोस्ती ही तो है जो मेरी दुनिया पूरी सी लगती है।